टनकपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण को लेकर टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। बुधवार को टनकपुर स्थित होटल लक्ष्य में NH चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बनबसा से ककराली गेट तक बाईपास अथवा एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग जोरदार ढंग से उठाई गई।
बैठक में क्षेत्रवासियों ने कहा कि वर्तमान प्रस्तावित चौड़ीकरण से स्थानीय लोगों के घर, व्यवसाय और किसानों की भूमि प्रभावित होगी। साथ ही स्कूलों, बाजारों और पूर्णागिरी धाम जाने वाले मार्ग पर यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा, जिससे भविष्य में गंभीर सुरक्षा समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
वक्ताओं ने बताया कि ककराली गेट से बनबसा तक दर्जनों निजी एवं सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी आवागमन करते हैं। इसके अलावा टनकपुर और बनबसा क्षेत्र के बाजार, बस स्टेशन और पूर्णागिरी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही इस मार्ग पर बनी रहती है।
बैठक में यह भी कहा गया कि देश के अन्य शहरों में घनी आबादी वाले क्षेत्रों को राहत देने के लिए बाईपास बनाए जाते हैं, लेकिन धार्मिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर–बनबसा क्षेत्र को अब तक इस सुविधा से वंचित रखा गया है।
बैठक के बाद सभी प्रभावित तहसील पहुंचे, जहां तहसील प्रशासन के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, सांसद अजय टम्टा एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन भेजा गया।
प्रभावितों ने चेतावनी दी कि यदि बाईपास निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।



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