हरेला महोत्सव के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्पावत के दिशा-निर्देशों के तहत पूर्णागिरि तहसील क्षेत्र में विशेष वृक्षारोपण अभियान एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ-साथ आमजन को वनों के महत्व, उनकी उपयोगिता तथा वन कानूनों की जानकारी भी दी गई।

वन विभाग के डिपो संख्या-03 में आयोजित कार्यक्रम में वन विभाग की एसडीओ श्रीमती शालिनी जोशी, मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह रावत, रेंजर मेधा सिंह, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, युवा, महिलाएं, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सेना एवं पूर्व सैनिक, पीएलवी (PLV) तथा प्रो बोनो पीएलवी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इस दौरान आम, जामुन, शीशम, तेजपात, त्रिफला, हरड़, आंवला, बेल, माल्टा, लीची सहित अनेक फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया गया कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है। साथ ही वन संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देकर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।
अभियान में पीएलवी अधिकार मित्र विजेंद्र अग्रवाल, शमशाद बानो, सोनी सिंह, अजय गुर्रानी, किरण गहतोड़ी, प्रियंका पंचोली, राधिका अधिकारी, कुंवर सिंह भंडारी, दिग्विजय सिंह, अनिल कुमार, श्याम दत्त तिवारी, अंजू बोहरा, सुनील कुमार, सुनीता टम्टा तथा प्रो बोनो पीएलवी इजहार अली, सोनी जहां और ममता भंडारी सहित अन्य स्वयंसेवियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इसके अतिरिक्त बाह्य न्यायालय परिसर में भी हरेला महोत्सव के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) माननीय रुचिका नरूला एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय काजल रानी के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में पीएलवी द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस संयुक्त पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विधिक जागरूकता का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया गया।


