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महर्षि वाल्मीकि के नाम पर चौक और भव्य प्रतिमा की मांग, वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा ने सौंपा प्रार्थना पत्र

पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार पर हो महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा, उठी मांग

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राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा ने टनकपुर स्थित पीलीभीत चुंगी का नाम बदलकर ‘श्री महर्षि वाल्मीकि चौक’ करने तथा चौराहे पर महर्षि वाल्मीकि जी की भव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में मोर्चा के जिला संयोजक अरुण वाल्मीकि के नेतृत्व में सीएम कार्यालय टनकपुर व जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार को सौंपा प्रार्थना पत्र!

प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि महर्षि वाल्मीकि सनातन संस्कृति के महत्वपूर्ण स्तंभ और रामायण महाकाव्य के रचयिता हैं। उनका जीवन और विचार समाज को मर्यादा, समरसता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं। टनकपुर को मां पूर्णागिरि धाम का मुख्य द्वार माना जाता है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में नगर के प्रमुख प्रवेश द्वार एवं चौराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर किया जाना धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।

मोर्चा ने कहा कि वर्तमान में चौराहे का नाम पीलीभीत चुंगी एक पुराने प्रशासनिक नाम के रूप में प्रचलित है। इसके स्थान पर ‘महर्षि वाल्मीकि चौक’ नामकरण होने से वाल्मीकि समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को सम्मान मिलेगा तथा नगर की पहचान और सुंदरता को भी नई दिशा मिलेगी।

प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से जनभावनाओं, नगर के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए चौराहे का आधिकारिक नामकरण ‘श्री महर्षि वाल्मीकि चौक’ करने तथा वहां भव्य प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने की मांग की गई है।

इस अवसर पर अमन वाल्मीकि, विशाल वाल्मीकि, समीर वाल्मीकि, कोलू वाल्मीकि, आदर्श वाल्मीकि, शंकर कुमार, जयंत वाल्मीकि, अतुल वाल्मीकि, गौरव वाल्मीकि, विजय वाल्मीकि, रवि कुमार, योगेश वाल्मीकि और रितिक वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।

Rajiv Gupta

Written by Rajiv Gupta

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