टनकपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय टनकपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंपावत की ओर से साक्षरता एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की करीब 150 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ छात्राओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों एवं उनके अधिकारों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बाह्य न्यायालय टनकपुर की सिविल जज जूनियर डिवीजन माननीय रुचिका नरूला रहीं, जबकि अध्यक्षता विद्यालय की वार्डन प्रेमा ठाकुर ने की। कार्यक्रम का संचालन पीएलवी बिजेंद्र अग्रवाल ने किया।

अपने संबोधन में सिविल जज जूनियर डिवीजन रुचिका नरूला ने कहा कि शिक्षक दिवस महज एक तारीख नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो बिना किसी शोर-शराबे के प्रतिदिन राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक कुशल शिल्पी की तरह विद्यार्थियों को तराशकर उनके व्यक्तित्व एवं भविष्य को आकार देते हैं। मजबूत और जागरूक राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिविर के दौरान पीएलवी बिजेंद्र अग्रवाल, अमित कुमार, किरण जोशी एवं सुनील कुमार ने छात्राओं को शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, साइबर अपराध से बचाव, बाल विवाह मुक्त उत्तराखंड, ‘नई रोशनी’ योजना के लाभ, किशोर न्याय अधिनियम, बाल संरक्षण एवं बाल शिक्षा, बाल श्रम निषेध तथा नशे के दुष्प्रभाव एवं इससे बचाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर शिक्षक दिवस की खुशियों को और खास बनाया। इसके बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन रुचिका नरूला ने द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर विद्यालय की वार्डन प्रेमा ठाकुर सहित अध्यापिकाओं मनु तिवारी, संजू चंद, संगीता सिंह, रेणु वल्दिया, अर्चना उप्रेती शर्मा एवं सुमन चंद को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम ने शिक्षक दिवस को केवल सम्मान समारोह तक सीमित न रखते हुए छात्राओं को उनके अधिकारों, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का सार्थक संदेश दिया।


