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जहां दुनिया में बेचैनी, वहां भारत में खुशियों की उड़ान—अबीर-गुलाल से सजी होली

रंगों में सराबोर हुआ टनकपुर -चंपावत उल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई होली

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टनकपुर/चंपावत, 4 मार्च। जनपद उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र टनकपुर और चंपावत में होली का पर्व इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास, सौहार्द और शांति के वातावरण में मनाया गया। चंपावत के जिला अधिकारी मनीष कुमार ने भी पत्रकारों के साथ  मनाई होली और सभी पत्रकारों को दी  होली की शुभकामनाएं सुबह से ही नगर की गलियों, मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर एक-दूसरे को रंग लगाया और शुभकामनाएं दीं।

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टनकपुर के गांधी मैदान सहित विभिन्न स्थानों पर होली मिलन समारोह आयोजित किए गए, जहां लोगों ने पारंपरिक कुमाऊनी होली गीतों पर जमकर आनंद लिया। ढोल-दमाऊ की थाप पर लोक संस्कृति की छटा बिखरी और पूरा क्षेत्र रंगों में सराबोर नजर आया।

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चंपावत मुख्यालय तथा आसपास के गांवों में भी लोगों ने सामूहिक रूप से होली खेली। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। महिलाओं और युवतियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रमों को और भी आकर्षक बना दिया।

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प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सीमांत क्षेत्र होने के बावजूद टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में उत्सव का माहौल पूरे दिन बना रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

विश्व के कई हिस्सों में जहां अशांति का माहौल देखने को मिल रहा है, वहीं सीमांत जनपद चंपावत में होली प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देती नजर आई। रंगों के इस पर्व ने एक बार फिर साबित किया कि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं लोगों को जोड़ने का कार्य करती हैं।

Rajiv Gupta

Written by Rajiv Gupta

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