टनकपुर (चंपावत) 7मार्च
उत्तर भारत के प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरी मेले की भीड़ में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब एक छोटी बच्ची अपने परिजनों से बिछड़ गई। मासूम बच्ची घबराई हुई थी और चारों ओर अपनों को तलाश रही थी। ऐसे मुश्किल समय में चम्पावत पुलिस उसकी उम्मीद बनकर सामने आई।
मेले में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उसे काली मंदिर थाना लाकर पूरी संवेदनशीलता के साथ उसकी देखभाल की। पुलिस टीम ने धैर्यपूर्वक पूछताछ कर बच्ची की पहचान की और उसकी माता से संपर्क स्थापित किया।
कुछ ही समय बाद जब बच्ची की मां थाने पहुंची और अपनी बेटी को सुरक्षित देखा तो वह भावुक हो उठी। मां-बेटी के मिलन का यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया।
पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदना के चलते बच्ची को सकुशल उसकी माता के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने चम्पावत पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस ने न केवल अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि एक परिवार की खुशियां भी लौटाई हैं।
मेले की भीड़ में जहां एक पल की लापरवाही बड़े संकट का कारण बन सकती है, वहीं चम्पावत पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और भावनाओं की भी सच्ची संरक्षक है।



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