सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा रहावीर बनिए जीवन बचाइए घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा उचित सम्मान व ₹25 हजार का पुरस्कार
सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जनपद चम्पावत में जागरूकता अभियान को तेज किया गया है। इसी क्रम में परिवहन विभाग द्वारा आमजन को केंद्र सरकार की ‘गुड समेरिटन (राह-वीर) योजना’ की जानकारी दी जा रही है, जिसके तहत सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों की जान बचाने वाले मददगार नागरिकों को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत एआरटीओ टनकपुर श्री मनोज बगोरिया ने बताया कि किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाला नागरिक ‘गुड समेरिटन’ कहलाता है। ऐसे मददगारों को कानून के तहत पूर्ण सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्हें न तो पुलिस उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा और न ही अनावश्यक रूप से न्यायालय या अस्पताल के चक्कर लगाने होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने वाला है। अक्सर लोग कानूनी झंझटों के डर से दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने से हिचकिचाते हैं, जबकि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, किसी भी घायल की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर मिली सहायता किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है।
एआरटीओ श्री बगोरिया ने बताया कि मददगार व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है तथा अस्पताल में इलाज के खर्च का भार भी उस पर नहीं डाला जा सकता। इतना ही नहीं, देशभर में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख रुपये तक के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है।
परिवहन विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में मानवता का परिचय देते हुए घायल व्यक्ति की सहायता करें। सरकार आपके साथ खड़ी है और आपकी संवेदनशीलता किसी अनमोल जीवन को बचा सकती है।
सड़क सुरक्षा अभियान के माध्यम से चम्पावत प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा किया जा रहा यह प्रयास न केवल जागरूकता बढ़ाने वाला है, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और मानवता की भावना को भी मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।


