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लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को किया नमन, टनकपुर में संविधान हत्या दिवस पर हुआ सम्मान समारोह

‘संविधान हत्या दिवस’, वक्ताओं ने आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय

, टनकपुर में संविधान हत्या दिवस पर हुआ सम्मान समारोह

नगर पालिका परिषद टनकपुर में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि उस दौर में नागरिकों के मौलिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रहार किया गया था। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण ही देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना संभव हो सकी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. प्रभु शुक्ला को उनके पिता द्वारा आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए योगदान के सम्मान स्वरूप सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) मनोज कालाकोटी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत ने की, जबकि संचालन मंडल महामंत्री हरीश कलौनी ने किया। जिला सह-प्रभारी हिमांशु बिष्ट भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्य वक्ता शिवराज सिंह कठायत ने आपातकाल के दौर की घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्षों का उल्लेख किया।

इस अवसर पर भाजपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संविधान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

Rajiv Gupta

Written by Rajiv Gupta

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