चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “आदर्श चम्पावत” की परिकल्पना अब धरातल पर तेजी से साकार होती दिखाई दे रही है। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जिससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री द्वारा 29 जून 2026 को चम्पावत में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया गया, जो जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस सुविधा के शुरू होने से अब गंभीर बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी और मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड शासन ने जनपद को चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी तैनाती दी है। इनमें स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा रानी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार कन्याल, आईसीयू सेवाओं के लिए डॉ. विजय कुमार गुप्ता तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. यदुराज भट्ट शामिल हैं। इनकी नियुक्ति से विशेष रूप से उप जिला चिकित्सालय टनकपुर सहित पूरे जनपद की चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन चिकित्सा और गंभीर मरीजों के उपचार में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अपने ही जनपद में मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में आदर्श चम्पावत के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। एमआरआई मशीन की स्थापना और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती जनपद के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में टनकपुर उप जिला चिकित्सालय को और अधिक आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि भारत-नेपाल सीमा से आने वाले मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में स्थापित दो डायलिसिस मशीनों से किडनी रोगियों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिल रही है। अब नई स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से जनपद की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल “आदर्श चम्पावत” के संकल्प को नई गति देने के साथ-साथ सीमांत जनपद के नागरिकों को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

