चम्पावत, 10 अगस्त। सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती एक घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ जिंदगी और मौत के बीच का सबसे अहम समय होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए चम्पावत जिले में सड़क सुरक्षा और ‘गुड समेरिटन’ यानी ‘राह-वीर’ योजना को लेकर जागरूकता अभियान तेज किया गया है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सड़क सुरक्षा को लेकर दिए जा रहे निर्देशों के तहत परिवहन विभाग आम लोगों को हादसे के समय घायलों की तत्काल मदद के लिए प्रेरित कर रहा है।
एआरटीओ टनकपुर श्री मनोज बगोरिया ने बताया कि ‘गुड समेरिटन’ वह व्यक्ति है, जो बिना किसी लालच के सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करता है और उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करता है। ऐसे मददगारों को सरकार की ओर से कानूनी संरक्षण भी दिया गया है।
उन्होंने बताया कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को अनावश्यक रूप से पुलिस कार्रवाई या न्यायालय की प्रक्रिया में उलझाया नहीं जाएगा। मददगार की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा और घायल को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसे वहां रुकने के लिए बाध्य भी नहीं किया जा सकता।
सरकार की योजना के तहत गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले ‘राह-वीर’ को प्रत्येक घटना के लिए ₹25,000 का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति प्रमाण-पत्र दिया जाता है। इसके अलावा देशभर में वर्ष के दौरान चयनित उत्कृष्ट मददगारों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1 लाख तक के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है।
एआरटीओ मनोज बगोरिया ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि सड़क हादसा होने पर घायल व्यक्ति की मदद करने से बिल्कुल न घबराएं। समय पर अस्पताल पहुंचाना किसी की जिंदगी बचा सकता है और मदद करने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से सुरक्षा और सम्मान दोनों दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि हादसे के बाद का पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ होता है। इस दौरान घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।


