टनकपुर। कुमाऊं की समृद्ध लोकसंस्कृति और धार्मिक परंपरा से जुड़े सातू-आठू यानी गौरा पर्व के अवसर पर टनकपुर में महिलाओं ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की। कर्मचारी कॉलोनी वार्ड नंबर-6 में नारी शक्ति सेवा समिति के नेतृत्व में गौरा पर्व धूमधाम से मनाया गया।
नारी शक्ति सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती दीपा धानिक के नेतृत्व में स्वर्गीय पार्वती बिष्ट के निवास से शिव-पार्वती का भव्य डोला निकाला गया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने डोला यात्रा के दौरान गौरा देवी के जयकारे लगाए और लोकगीतों पर नृत्य कर पर्व की खुशियां मनाईं। पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बना रहा।
डोला यात्रा कर्मचारी कॉलोनी से होते हुए टनकपुर तहसील रोड स्थित शनि मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ शिव-पार्वती के डोले का विसर्जन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
गौरतलब है कि कुमाऊं में सातू-आठू पर्व को शिव-पार्वती की आराधना और प्रकृति से जुड़ी लोकपरंपरा के रूप में मनाया जाता है। पर्व की शुरुआत भाद्र माह की पंचमी को बीरुड़ भिगोने की परंपरा से होती है। बीरुड़ में पांच या सात प्रकार के अनाज—मक्का, गेहूं, गहत, गुरुस, चना, मटर और कलों—को शुद्ध जल में भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद महिलाएं शिव-पार्वती के जीवन से जुड़े लोकगीत गाती हैं और पारंपरिक रूप से पर्व मनाती हैं।
गौरा पर्व के आयोजन में कमला जोशी, आशा साह, गीता जोशी, देवकी डपोटी, नीमा भंडारी, सरस्वती जोशी, रेखा रौतेला, देवकी रौतेला, अंकिता जोशी, सीमा नेगी, राधा बिष्ट, सीमा जोशी, कविता चौधरी, लता पांडेय, प्रिया नेगी, ऊषा जोशी, देवकी पाटनी, रजनी जोशी, जानकी मैहर, सपना पाटनी, चंद्रकला जोशी, अनिता भट्ट, अनीता चौहान, तनुजा बिष्ट, उमा जोशी, शशि वर्मा, तनुजा जोशी, गोदावरी नेगी, गीता बोरा, महेन्द्री देवी, लीला जोशी, रेखा बिष्ट और आशा मेहर समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।


