चम्पावत। विश्व प्रसिद्ध माँ वाराही धाम देवीधुरा एक बार फिर पौराणिक परंपरा, लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था के रंग में रंग गया है। रविवार को देवीधुरा में 13 दिवसीय प्रसिद्ध बग्वाल मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन तथा जलागम प्रबंधन मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने माँ वाराही देवी मंदिर के मुख्य द्वार पर फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।

उद्घाटन अवसर पर ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक छलिया नृत्य और भव्य कलश यात्रा ने पूरे देवीधुरा धाम को भक्तिमय बना दिया। मुख्य बाजार से मंदिर परिसर तक निकली शोभायात्रा में महिलाओं और छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की शानदार झलक प्रस्तुत की।

संस्कृत महाविद्यालय देवीधुरा के विद्यार्थियों तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने वेद मंत्रों और स्वस्ति वाचन से अतिथियों का स्वागत किया। वहीं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

मंत्री राम सिंह कैड़ा ने माँ वाराही देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध माँ वाराही धाम के वार्षिक मेले का शुभारंभ करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। देवीधुरा धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और रक्षाबंधन के अवसर पर होने वाली ऐतिहासिक बग्वाल इसकी विशिष्ट पहचान है।

मंत्री कैड़ा ने माँ वाराही धाम से अपने बचपन के जुड़ाव को याद करते हुए इसे अपने लिए विशेष आस्था और आत्मीयता का केंद्र बताया। उन्होंने देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं से देवीधुरा पहुंचकर माँ वाराही के दर्शन करने और मेले को शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की।
मेले के शुभारंभ के बाद मंदिर समिति की ओर से मंत्री राम सिंह कैड़ा को स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
28 अगस्त को होगा ऐतिहासिक बग्वाल का रोमांच
देवीधुरा मेले का सबसे बड़ा आकर्षण ऐतिहासिक बग्वाल 28 अगस्त को आयोजित होगी। इस ऐतिहासिक आयोजन में चार खामों के लोग अपनी पारंपरिक परंपरा के अनुसार प्रतिभाग करेंगे। बग्वाल को देखने के लिए उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मेला प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता सहित तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। सात थोक और चार खामों से हजारों श्रद्धालुओं एवं प्रतिभागियों की मौजूदगी इस मेले को और भी भव्य बनाएगी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मेला संयोजक मोहन सिंह बिष्ट, माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के अध्यक्ष हीरा वल्लभ जोशी, पूर्व मंदिर कमेटी अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया, नगर पंचायत पाटी अध्यक्ष नारायण लाल, अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, उप जिलाधिकारी पाटी नीतू डांगर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल जोशी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।
देवीधुरा का बग्वाल मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जीवंत लोक परंपरा, संस्कृति और सामूहिक आस्था की ऐसी विरासत है, जो हर वर्ष देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है।
पोर्टल चैनल की ओर से माँ वाराही देवी के सभी भक्तों को इस पावन मेले की हार्दिक शुभकामनाएं।


