टनकपुर। विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद की ओर से विद्यालय स्तर पर ‘भारत को जानो’ लिखित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन परिषद के अध्यक्ष भुवन चंद जोशी की अध्यक्षता में हुआ।

प्रतियोगिता में शहर के 15 विद्यालयों के कुल 1070 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इनमें जूनियर वर्ग के 673 तथा सीनियर वर्ग के 397 विद्यार्थी शामिल रहे। परीक्षा में सामान्य ज्ञान एवं भारत से संबंधित विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्न विद्यार्थियों से पूछे गए।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिषद के सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह और समर्पण के साथ सहयोग किया। वहीं विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों ने भी प्रतियोगिता के आयोजन में विशेष रुचि दिखाते हुए विद्यार्थियों को प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम संयोजक अंकुर टंडन ने बताया कि लिखित परीक्षा के आधार पर प्रत्येक विद्यालय से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थी प्रतियोगिता के दूसरे चरण में आयोजित होने वाली मौखिक प्रश्न-मंच प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। प्रश्न-मंच प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीम को प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में परिषद के सचिव सत्य प्रकाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष अतुल शारदा, उपाध्यक्ष संजय गर्ग, महिला सहभागिता प्रमुख श्रीमती कल्पना अग्रवाल एवं संरक्षक राजीव कुमार आर्य सहित परिषद के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
इसके अलावा दीपक शारदा, कैलाश गहतोड़़ी, राजीव अग्रवाल, रवि प्रजापति, शशांक अग्रवाल, वैभव अग्रवाल, संजय बृजवासी, नवल किशोर तिवारी, दीपक जैन, गिरीश शर्मा, अनुपम शर्मा, राधेश्याम, ऋषि उपाध्याय, मनुश्रवा आर्य, श्रीमती अनीता शारदा, छवि गुप्ता, सीमा अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, विम्मी आर्या, सरिता गर्ग एवं शिखा शारदा समेत बड़ी संख्या में परिषद सदस्य उपस्थित रहे।
भारत विकास परिषद की इस पहल को विद्यार्थियों में ज्ञानवर्धन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और राष्ट्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और इसके प्रति विद्यालयों एवं विद्यार्थियों के उत्साह को भी दर्शाया।


