चम्पावत जनपद के 29वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में जनप्रतिनिधियों, प्रगतिशील किसानों, व्यापारियों, स्वयं सहायता समूहों, पत्रकारों, भूतपूर्व सैनिकों, गणमान्य नागरिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग कर ‘आदर्श चम्पावत’ के निर्माण को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ दर्जा प्राप्त मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय, चम्पावत संघर्ष समिति अध्यक्ष बसंत तड़ागी एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान केक काटकर जनपद की 29वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपदवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 15 सितम्बर 1997 को अस्तित्व में आए चम्पावत ने 29 वर्षों में विकास की उल्लेखनीय यात्रा तय की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ‘आदर्श चम्पावत’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल, आधारभूत ढांचे, आजीविका और जनसुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि चम्पावत की विकास यात्रा को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रखकर जनभागीदारी से नई दिशा और गति देना जरूरी है। स्थानीय आवश्यकताओं, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन एवं कृषि की संभावनाओं तथा युवाओं और महिलाओं की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने नवाचार और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए पिरूल ब्रिकेट यूनिट, ज्ञान केंद्र, ज्ञान सेतु, आंगनबाड़ी केंद्रों में सोलर लाइट, लिगेसी वेस्ट के निस्तारण तथा दूरस्थ खिरद्वारी क्षेत्र तक बिजली पहुंचाने जैसी पहलों को महत्वपूर्ण बताया। स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना को भी बड़ी उपलब्धि बताया गया।
इसके साथ ही छमनियां लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, चम्पावत में साइंस सेंटर, टनकपुर में आईएसबीटी, गोल्ज्यू कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को जनपद के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
गोष्ठी में ग्राम प्रधान भिंगराड़ा गीता भट्ट ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से संचालित पिरूल ब्रिकेट यूनिट के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से स्थानीय संसाधनों को रोजगार से जोड़ने और महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
इस अवसर पर व्यापार संघ अध्यक्ष विकास शाह, प्रगतिशील किसान रघुवर मुरारी, सहकारी कृषि से जुड़े किसान राकेश उपाध्याय तथा पत्रकार पंकज पाठक ने भी जनपद के विकास से जुड़े सुझाव रखे।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की विशेष प्राथमिकता के चलते चम्पावत में कई महत्वपूर्ण योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। वहीं दर्जा प्राप्त मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय ने कहा कि विकास कार्यों से चम्पावत को नई पहचान मिल रही है।
चम्पावत संघर्ष समिति अध्यक्ष बसंत तड़ागी ने भी विकास की इस यात्रा में हर नागरिक की सहभागिता को आवश्यक बताते हुए सकारात्मक सोच के साथ ‘आदर्श चम्पावत’ के निर्माण में सहयोग का आह्वान किया।
कुल मिलाकर जनपद स्थापना दिवस का यह आयोजन केवल 29 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं रहा, बल्कि चम्पावत को आने वाले वर्षों में और अधिक विकसित, आत्मनिर्भर एवं बेहतर जनसुविधाओं वाला जनपद बनाने की दिशा में सामूहिक चिंतन का प्रभावी मंच भी बना।



