“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म”—मां पूर्णागिरि मेले से प्रशासन का मजबूत संदेश

टनकपुर। आस्था के प्रमुख केंद्र पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल के नेतृत्व में शारदा घाट, टनकपुर, बैराज पुल एवं सिद्ध बाबा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, मार्ग की सुगमता, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं को परखा और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस दौरान ड्यूटी में तैनात सुरक्षाबलों—एसएसबी, सीआईएसएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं पीआरडी के जवानों से मुलाकात कर उनके सेवा भाव की सराहना की गई। नोडल अधिकारी ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “श्रद्धालुओं की सेवा ही सच्चे अर्थों में पुण्य का कार्य है और इसमें किसी भी स्तर पर कमी नहीं आनी चाहिए।” उनके इस मानवीय संदेश ने वहां मौजूद सभी कर्मियों में नई ऊर्जा का संचार किया।
निरीक्षण के बाद केदार सिंह बृजवाल खटीमा स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल टनकपुर क्षेत्र के ग्राम प्रधान से भेंट कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का अनुरोध किया और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने ईश्वर से घायल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि कठिन समय में संवेदनशीलता और सहयोग ही समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। साथ ही मां पूर्णागिरि से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुखद एवं मंगलमय हो तथा क्षेत्र में शांति और समृद्धि बनी रहे।
यह निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा रहा, बल्कि प्रशासन के मानवीय दृष्टिकोण और सेवा भावना का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।


