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भक्ति के सागर में डूबा पूर्णागिरि मेला, पहले दिन उमड़ा जनसैलाब

जय माता दी के जयकारों से गूंजा पूर्णागिरि, धाम प्रशासन की शानदार व्यवस्था ने जीता दिल

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भक्ति के सागर में डूबा पूर्णागिरि मेला, पहले दिन उमड़ा जनसैलाब

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टनकपुर/चंपावत

उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र माँ पूर्णागिरि धाम में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हजारों भक्त माता के दरबार में दर्शन के लिए कतारबद्ध नजर आए। हजारों श्रद्धालुओं ने पहले ही दिन माता के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

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करीब 400 मीटर लंबी कतारों में घंटों इंतजार के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ झलकता रहा। “जय माता दी” के जयकारों से पूरा धाम गूंज उठा, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

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मेले का शुभारंभ पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया था। उनके निर्देशों के अनुरूप प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य और यातायात जैसी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

जहां दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं पूर्णागिरि धाम में एकता, श्रद्धा और शांति का अद्भुत संदेश देखने को मिला। हर उम्र के लोग—बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे—माता के दरबार में पहुंचकर अपने परिवार, समाज और देश की खुशहाली की कामना करते नजर आए।

प्रशासन की सराहना:

श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। भारी भीड़ के बावजूद अनुशासित व्यवस्था और प्रशासन का सहयोगी रवैया इस मेले को और भी सफल बना रहा है।

पूर्णागिरि धाम में नवरात्र का पहला दिन न केवल आस्था का महापर्व बना, बल्कि यह आयोजन श्रद्धा, व्यवस्था और मानवता के सुंदर समन्वय का जीवंत उदाहरण भी बनकर उभरा।

Rajiv Gupta

Written by Rajiv Gupta

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