टनकपुर/पूर्णागिरी।
विश्व वानिकी दिवस के पावन अवसर पर शारदा रेंज द्वारा पूर्णागिरी मेले में चलाया गया जागरूकता अभियान न केवल सराहनीय रहा, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं के बीच पर्यावरण संरक्षण की एक सकारात्मक सोच भी विकसित करने में सफल साबित हुआ।

हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत संचालित इस विशेष अभियान में वन विभाग की टीम ने बेहद सरल और मानवीय तरीके से लोगों को वनों के महत्व, पर्यावरण संतुलन और मानव–वन्यजीव संघर्ष के विषय में जागरूक किया। मेले में उमड़ी आस्था की भीड़ के बीच जब प्रकृति संरक्षण का संदेश गूंजा, तो श्रद्धालुओं ने भी इसे गंभीरता से लिया।

वन क्षेत्राधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीम ने “वन और अर्थव्यवस्था” थीम के माध्यम से यह समझाया कि वन केवल हरियाली नहीं, बल्कि जल, मिट्टी, जैव विविधता और स्थानीय जीवन का आधार हैं। जागरूकता स्टॉल पर लोगों की खासा उत्साह देखने को मिला, जहां उन्हें पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।

इस दौरान पर्यटकों से प्लास्टिक का उपयोग न करने, स्वच्छता बनाए रखने और जंगलों में आग से बचाव की अपील की गई। साथ ही, मानव–वन्यजीव संघर्ष से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी देकर लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह अभियान जन-जन तक पहुंचने में सफल रहा। यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय का भी उदाहरण बनी।
अंत में वन विभाग ने सभी से अपील की कि वे प्रकृति के संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।
👉 कुल मिलाकर, आस्था के इस महापर्व में प्रकृति के प्रति जागरूकता का यह प्रयास सच में प्रेरणादायक और अनुकरणीय रहा। 🌿🙏


