टनकपुर। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि जैसी गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रखने के लिए हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत शारदा रेंज में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल देखने को मिली। वन विभाग ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर एक ऐसी रणनीति तैयार की, जो आने वाले समय में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है।
वन क्षेत्राधिकारी शारदा श्री सुनील शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में हाथियों की बढ़ती सक्रियता, फसलों को नुकसान, रात्रिकालीन भय और जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने को लेकर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर अधिकारियों के सामने रखीं, जिस पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किए जाने की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में एआई आधारित कैमरा सिस्टम, आधुनिक सायरन अलर्ट व्यवस्था और आईआईटी तकनीक आधारित ड्रोन सर्विलांस प्रणाली के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इससे ग्रामीणों और गश्ती दलों को समय रहते अलर्ट किया जा सकेगा और संभावित खतरे को टाला जा सकेगा।
बैठक में “रात्रि गश्त एवं सीरियल पेट्रोलिंग” व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वन कर्मियों, हाथी गश्ती दलों और स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से संवेदनशील गांवों में लगातार निगरानी रखने की योजना बनाई गई। साथ ही वनाग्नि रोकथाम को लेकर ग्रामीणों से जंगलों में आग न लगाने और किसी भी घटना की तत्काल सूचना वन विभाग को देने की अपील की गई।
वन क्षेत्राधिकारी श्री सुनील शर्मा ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण केवल विभागीय प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वन विभाग क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और मजबूत गश्त व्यवस्था के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने तथा विभाग के साथ हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण और वनाग्नि रोकथाम के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य टनकपुर श्रीमती पुष्पा विश्वकर्मा, ग्राम प्रधान थ्वालखेडा श्रीमती हेमा जोशी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ऊचौलीगोठ श्री गणेश सिंह महर, गैडाखाली श्री त्रिलोक सिंह, बस्तिया श्री हरीश लापड़, नायकगोठ श्री राजेन्द्र कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य ऊचौलीगोठ श्री संजय कुमार आर्या, क्षेत्र पंचायत सदस्य चल्थी श्री नवीन सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान थ्वालखेडा श्री ब्रजमोहन जोशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


