टनकपुर। शारदा नदी में इस वर्ष खनन सत्र की शुरुआत नवंबर माह से किए जाने की मांग उठी है। इस संबंध में मां शारदा खनन शक्तिमान यूनियन टनकपुर के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने वन क्षेत्राधिकारी (शारदा खनन), टनकपुर को पत्र भेजकर खनन सत्र समय से शुरू कराने की मांग की है।
मनोज गुप्ता ने पत्र में कहा कि खनन सत्र दिसंबर माह के अंत में शुरू होने के कारण वाहन स्वामियों, व्यापारियों और श्रमिकों को पूरे वर्ष में सीमित समय ही रोजगार मिल पाता है। सत्र देरी से शुरू होने पर महज तीन से चार माह का समय ही प्रभावी रूप से मिल पाता है, जिससे स्थानीय वाहन स्वामियों और श्रमिकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि इस वर्ष खनन सत्र नवंबर माह की शुरुआत से ही सुचारू रूप से खोल दिया जाता है तो स्थानीय व्यापार को गति मिलने के साथ ही वाहन स्वामियों और श्रमिकों को अपने कर्ज, ईएमआई एवं अन्य खर्चों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना है।
यूनियन अध्यक्ष ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि खनन सत्र देरी से शुरू होने के कारण सीमित अवधि में काम का दबाव बढ़ जाता है। मानसून से पहले कार्य पूरा करने की जल्दबाजी में श्रमिकों की सुरक्षा तथा वाहन संचालन से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आती हैं।
मनोज गुप्ता ने वन विभाग से जनता, स्थानीय व्यापारियों और हजारों श्रमिकों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए नवंबर माह से ही शारदा खनन सत्र शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ क्षेत्र के लोगों को रोजगार का बेहतर अवसर मिल सकेगा।


