टनकपुर, 10 अक्टूबर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार को टनकपुर स्थित तुषार हॉस्पिटल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के सचिव के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पराविधिक स्वयंसेवकों (PLV) द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ ही दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को दहेज प्रथा के उन्मूलन और बाल विवाह की रोकथाम के लिए शपथ दिलाई गई। लोगों ने संकल्प लिया कि वे न तो दहेज लेंगे और न ही दहेज देंगे, दहेज प्रथा का विरोध करेंगे तथा अपने बच्चों का विवाह निर्धारित कानूनी आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे।
इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि सकारात्मक सोच, योग और ध्यान मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हैं। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति परिवार के सदस्यों का सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार, उचित देखभाल और सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई।
शिविर में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे अपने परिवार और समाज में दहेज प्रथा तथा बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाएं, ताकि एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।
ये रहे उपस्थित
शिविर में PLV अधिकार मित्र बिजेंद्र अग्रवाल, अमित कुमार, किरन जोशी, सुनील कुमार एवं अंजू बोहरा उपस्थित रहे। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया।


