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जनपद चम्पावत में विकास और सांस्कृतिक समरसता का एक प्रेरणादायी संगम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक ओर ₹300 करोड़ से अधिक लागत की जनकल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला रखकर क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा दी, वहीं दूसरी ओर टनकपुर में आयोजित पारंपरिक माघ खिचड़ी भोज में सहभागिता कर लोक संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री द्वारा शारदा घाट पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज योजना, सड़कों के निर्माण-सुधारीकरण, हेलीपैड, शिक्षा संस्थानों के विस्तार, आपदा सुरक्षा कार्यों सहित अनेक योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं से पर्यटन, आधारभूत ढांचे, शिक्षा, रोजगार और आपदा प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट परियोजना चम्पावत को विकास और आस्था के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीमांत क्षेत्र के विकास के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और युवाओं, किसानों तथा विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। उन्होंने चम्पावत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को प्रदेश की शक्ति बताते हुए विकास और परंपरा के संतुलन को उत्तराखण्ड की पहचान बताया।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्थित शारदा घाट में आयोजित माघ खिचड़ी भोज कार्यक्रम में सहभागिता कर स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया तथा कुमाऊँ की पारंपरिक “खड़ी होली” में भाग लेकर लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। ढोल-दमाऊँ की मधुर ध्वनियों के बीच उत्सव का वातावरण सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परंपराएँ समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने का माध्यम हैं। विकास कार्यों के साथ सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना ही एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर जनपद के निर्माण की दिशा में सार्थक कदम है।



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