विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में आयोजित वार्षिक जोड़ मेले के दौरान उत्तराखंड सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी श्री केदार सिंह बृजवाल अपनी टीम के साथ मेले में पहुंचे और व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
देश-विदेश एवं विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर श्री बृजवाल ने न केवल उनका स्वागत किया, बल्कि उनकी सुविधाओं और आवश्यकताओं का भी जायजा लिया। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश पहुंचाया तथा शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का स्थलीय परीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मेले में तैनात पुलिस, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में मत्था टेककर श्री बृजवाल ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और आदर्श चम्पावत के संकल्प की सफलता के लिए अरदास भी की। उन्होंने कहा कि यह पावन स्थल केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रीठा साहिब जोड़ मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचकर गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से की जा रही सतत निगरानी और प्रशासनिक सक्रियता के चलते इस वर्ष का रीठा साहिब जोड़ मेला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनता जा रहा है।
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भले ही इस वर्ष व्यक्तिगत रूप से रीठा साहिब जोड़ मेले में शामिल नहीं हो सके, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर उनकी गंभीरता साफ दिखाई दी। उनके निर्देश पर पहुंचे नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने मेले की व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का संदेश दिया।”


