साइबर जाल में फंसाकर युवक को मौत की ओर धकेलने वाले दो आरोपी पुलिस गिरफ्त में
टनकपुर/बनबसा। जनपद चम्पावत में साइबर अपराध का एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यौन शक्ति वर्धक दवाओं का झांसा देकर एक युवक को साइबर जाल में फंसाने, उसकी निजी तस्वीरों के माध्यम से ब्लैकमेल करने, उससे ₹1.87 लाख की ठगी करने और मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बनबसा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
मामले के अनुसार 24 मई 2026 को बनबसा निवासी दुर्जन लाल ने थाना बनबसा में तहरीर देकर बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके पुत्र को शक्ति वर्धक दवाओं के नाम पर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उसकी निजी और अश्लील सामग्री हासिल कर लगातार ब्लैकमेल किया गया। मानसिक दबाव और धमकियों के बीच युवक को इतना प्रताड़ित किया गया कि वह गंभीर मानसिक संकट में पहुंच गया। इस दौरान आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से उससे ₹1 लाख 87 हजार की धनराशि भी ठग ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव के निर्देश पर तत्काल जांच शुरू की गई। क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कोरंगा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच करते हुए धनुषपुल-सोनियानाला मार्ग के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेन्द्र सिंह चितौड़िया तथा उसके पुत्र शिवा सिंह चितौड़िया, निवासी जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से कई आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन, कथित दवाइयां, अश्लील फोटो वाला एल्बम और एक वाहन भी बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी अनिल मोगिया की तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे की कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
समाज के लिए बड़ा संदेश
यह मामला केवल साइबर ठगी का नहीं, बल्कि ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के उस खतरनाक रूप का उदाहरण है जो किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़कर उसकी जिंदगी तक छीन सकता है। चम्पावत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या इंटरनेट पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ निजी फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ब्लैकमेलिंग या ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
चम्पावत पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी उम्मीद है जो साइबर अपराधियों की वजह से मानसिक और आर्थिक पीड़ा झेल रहे हैं।


